CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी: 85.20% छात्र हुए पास, पिछले साल के मुकाबले घटा रिजल्ट प्रतिशत

 

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नई दिल्ली: देशभर के लाखों CBSE के छात्रों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल कुल मिलाकर 85.20 प्रतिशत छात्रों ने सफलता पाई है। हालाँकि, पिछले साल के रिजल्ट से इस बार का पास प्रतिशत करीब 3 फीसदी कम है।

रिजल्ट जारी होते ही छात्रों और अभिभावकों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कहीं खुशियाँ मनाई जा रही हैं तो कहीं कुछ चेहरे उतरे हुए भी हैं। सुबह से ही छात्र वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना रिजल्ट चेक करने में लगे थे। जैसे ही रिजल्ट आया, सर्वर पर लोड इतना बढ़ गया कि कई वेबसाइट धीमी पड़ गईं।

लाखों छात्रों ने दी थी परीक्षा

इस साल CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा देशभर और विदेशों के कई केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा फरवरी से लेकर अप्रैल के बीच चली थी, जिसमें लाखों छात्र शामिल हुए थे।

बोर्ड ने रिजल्ट के साथ-साथ ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा भी दे दी है। छात्र अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड की ID डालकर अपना परिणाम देख सकते हैं। अब डिजिटल मार्कशीट आने से छात्रों को कॉलेजों में एडमिशन के वक्त परेशानी कम होगी।

ऐसे चेक करें रिजल्ट

छात्र CBSE का रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जरूरी जानकारी भरनी होगी।

रिजल्ट देखने के लिए:


  1. CBSE की आधिकारिक वेबसाइट खोलें

  2. 12वीं रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें

  3. रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें

  4. Submit बटन दबाएं

  5. स्क्रीन पर रिजल्ट दिखाई देगा

छात्र भविष्य के लिए अपनी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकते हैं।


नीचे दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक करें

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पिछले साल से कम रहा रिजल्ट

इस बार कुल मिलाकर 85.20 फीसदी छात्र पास हुए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 3 फीसदी कम है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पेपर चेकिंग और मूल्यांकन की प्रक्रिया थोड़ी सख्त रही, जिसका असर रिजल्ट पर दिखा।

हालाँकि, बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस बार का रिजल्ट पूरी पारदर्शिता के साथ और नियमों के अनुसार ही तैयार किया गया है। कोई भी गड़बड़ी या लापरवाही नहीं बरती गई है।

लड़कियों ने फिर बाजी मारी

हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। कई जोन और क्षेत्रों में छात्राओं ने शानदार अंक हासिल किए हैं।

बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्राओं को 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक मिले हैं। टॉपर्स की अनौपचारिक सूचियों में भी लड़कियों का दबदबा साफ देखा जा रहा है। कई स्कूलों में टॉप तीन रैंक पर छात्राओं का ही कब्जा है।

कंपार्टमेंट वालों के लिए मौका

जो छात्र किसी एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। CBSE उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा देने का मौका देगा। बोर्ड जल्द ही इसकी तारीखों का ऐलान करेगा।

इसके अलावा, जिन्हें अपने मिले अंकों पर शक है या लगता है कि उनके पेपर की जांच में गलती हुई है, वे रीचेकिंग और री-इवैल्यूएशन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए बोर्ड की तरफ से अलग से नोटिस जारी किया जाएगा।

इस बार नहीं आई टॉपर्स लिस्ट

CBSE ने पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी कोई आधिकारिक टॉपर्स लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा और तनाव बढ़ता है। हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी क्षमताएँ होती हैं, इसलिए टॉपर्स लिस्ट न निकालना ही बेहतर है।

हालाँकि, कई स्कूल अपने स्तर पर टॉपर छात्रों की जानकारी सोशल मीडिया और अपनी वेबसाइट पर शेयर कर रहे हैं। कुछ स्कूलों ने तो टॉपर छात्रों को सम्मानित करने की भी तैयारी कर ली है।

रिजल्ट को लेकर कैसा माहौल?

रिजल्ट आने के बाद कई स्कूलों में खुशी का माहौल है। छात्र एक-दूसरे को मिठाई खिलाते और सेल्फी लेते दिखे। सोशल मीडिया पर भी रिजल्ट की तस्वीरें और स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं।

लेकिन जिनके अंक उम्मीद से कम आए हैं, उनके चेहरे पर मायूसी भी देखी जा रही है। शिक्षकों और करियर काउंसलरों का कहना है कि छात्रों को परेशान नहीं होना चाहिए। बोर्ड का रिजल्ट जीवन का अंत नहीं है, आगे बढ़ने के कई रास्ते हैं। जरूरत है तो बस थोड़ा धैर्य और सही दिशा में मेहनत की।

अब एडमिशन की तैयारी शुरू

रिजल्ट आते ही कॉलेजों में एडमिशन की रेस भी शुरू हो गई है। जिन छात्रों ने अच्छे अंक हासिल किए हैं, वे अब अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्सेज के लिए आवेदन करेंगे।

इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट, कॉमर्स और आर्ट्स – हर फील्ड में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या जल्द ही शुरू होगी। कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों ने अपनी आवेदन तारीखें भी जारी कर दी हैं।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि छात्र जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। पहले अपनी रुचि और करियर के विकल्पों को समझें, फिर एडमिशन लें। अगर मन में कोई शक हो, तो किसी अनुभवी शिक्षक या करियर काउंसलर से जरूर सलाह लें।

तो क्या यह रिजल्ट है निराशाजनक?

85.20 फीसदी पास होना बिल्कुल भी बुरा नहीं है। जी हाँ, पिछले साल से 3 फीसदी कम जरूर है, लेकिन फिर भी यह एक अच्छा आंकड़ा है। बोर्ड परीक्षाओं में उतार-चढ़ाव होता रहता है। कभी पेपर थोड़ा कठिन हो जाता है, तो कभी मूल्यांकन थोड़ा सख्त। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जिनके कम अंक आए, वे कमजोर हैं या उनका भविष्य अंधकारमय है।

जीवन में कई मोड़ आते हैं, और बोर्ड परीक्षा उनमें से सिर्फ एक है। MVP (Most Valuable Point) यह है कि अपनी गलतियों से सीखें, और आगे बढ़ते रहें। जिन्होंने अच्छे अंक हासिल किए हैं, उन्हें बधाई। जिनका मन थोड़ा उदास है, उनसे हम कहना चाहते हैं – यह अंत नहीं है, नई शुरुआत का एक जरिया है। बस थोड़ी और मेहनत करें, बस थोड़ा और धैर्य रखें, और अपने सपनों पर भरोसा रखें। सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी।

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