धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोशल मीडिया पर तिरंगे के अपमान से जुड़ा भ्रामक वीडियो वायरल करना दो युवकों को भारी पड़ गया। पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडे से जुड़े एक मूल वीडियो को कथित तौर पर एडिट कर उसमें तिरंगे का प्रतीक जोड़ने और गलत दावा फैलाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वीडियो में ऐसा कैप्शन जोड़ा था, जिससे यह संदेश जा रहा था कि धमतरी में तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया गया। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया पर उसे प्रसारित करने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
कुरुद भाजपा कार्यालय के पुराने वीडियो से हुई छेड़छाड़
पुलिस के मुताबिक, पूरा मामला 22 मार्च 2026 का है। कुरुद स्थित भाजपा कार्यालय में उस दिन एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा का झंडा फहराया था।
इसी कार्यक्रम के मूल वीडियो को आरोपियों ने कथित तौर पर News Banao App के माध्यम से एडिट किया। एडिट किए गए वीडियो में “धमतरी में तिरंगे की जगह BJP का झंडा” जैसा भ्रामक कैप्शन लगाया गया। इसके अलावा वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे का प्रतीक चिन्ह भी जोड़ा गया।
इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram और Facebook पर शेयर किया गया। देखते ही देखते वीडियो के जरिए एक ऐसा दावा प्रसारित होने लगा, जो पुलिस जांच के अनुसार मूल घटना से अलग था।
डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस ने शुरू की जांच
वीडियो वायरल होने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए धमतरी की सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4) और 353(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की भी जांच की। पुलिस को कथित तौर पर वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले।
Instagram के Recently Deleted सेक्शन से भी मिला सबूत
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य Instagram के Recently Deleted सेक्शन से भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस ने वहां मौजूद डिलीट किए गए वीडियो से संबंधित प्रमाणों को सुरक्षित किया।
जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल साक्ष्य इसलिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि इनके जरिए यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी वीडियो को कब और किस तरह एडिट किया गया, उसे किस डिवाइस से अपलोड किया गया और सोशल मीडिया पर किस प्रकार प्रसारित किया गया।
दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ के रहने वाले
धमतरी पुलिस ने मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- भुनेश्वर निराला (25 वर्ष) — निवासी ग्राम जिल्दी, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
- राकेश निराला (32 वर्ष) — निवासी ग्राम जिल्दी, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 45 हजार रुपये बताई गई है।
कोर्ट ने न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस की जांच और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल आगे भी जारी रहने की संभावना है।
धमतरी पुलिस ने लोगों से की खास अपील
घटना के बाद धमतरी पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी खबर, फोटो या वीडियो को बिना सत्यता जांचे आगे शेयर नहीं करना चाहिए।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी, एडिटेड या भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से समाज में गलत सूचना तेजी से फैल सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील सामग्री को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना जरूरी है।
धमतरी पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रामक या फर्जी सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हुई गिरफ्तारी भी सोशल मीडिया पर एडिटेड कंटेंट के जरिए गलत सूचना फैलाने के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के तौर पर सामने आई है।
