नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार STF के साथ संयुक्त कार्रवाई में AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से जुड़े मामले में फरार आरोपी करमुल्लाह को गिरफ्तार किया है। NIA के अनुसार, आरोपी को 22 अगस्त 2026 को सरन, बिहार से गिरफ्तार किया गया। यह मामला प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियारों की कथित तस्करी और उससे जुड़ी साजिश की जांच से संबंधित है।
NIA की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, करमुल्लाह पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक हथियार पहुंचाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस गतिविधि का उद्देश्य सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करना था।
AK-47 और जिंदा कारतूस की बरामदगी से खुला मामला
यह मामला मूल रूप से 7 मई 2024 को दर्ज किया गया था। NIA के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र में मुर्गहटिया ब्रिज के पास एक AK-47 राइफल, उसके लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।
इस कार्रवाई के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मामले की जांच NIA ने अपने हाथ में ली और जांच आगे बढ़ने के साथ इसमें अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई।
मामले में Case No. RC-12/2024/NIA/DLI के तहत जांच चल रही है।
कई आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
NIA की जांच के दौरान मामले में कई बार सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
जांच एजेंसी के अनुसार, 8 मई 2025 को पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमनी राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दाखिल की गई थी। इन आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 120B और UAPA की धाराओं 13 और 18 के तहत आरोप लगाए गए।
इसके बाद 20 फरवरी 2026 को मंजूर खान के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें IPC की धारा 120B, Arms Act की धाराएं 25(1AA), 26 और 35 तथा UAPA की धाराएं 13 और 18 शामिल थीं।
तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 15 अप्रैल 2026 को कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ दाखिल की गई। उसके खिलाफ भी IPC, Arms Act और UAPA की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
करमुल्लाह पर क्या है आरोप?
NIA के मुताबिक, करमुल्लाह, पुत्र अब्दुल गफ्फार, सरन जिले के चेतन परसा इलाके का रहने वाला है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित बोर के हथियारों की तस्करी की साजिश में शामिल था।
जांच के अनुसार, हथियारों को नागालैंड से बिहार लाने की योजना थी। NIA का दावा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को प्रभावित करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से किया जाना था।
हालांकि, ये जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान इन आरोपों की न्यायिक जांच होगी।
एक अन्य आरोपी भी हाल में गिरफ्तार
NIA ने अपनी प्रेस रिलीज में बताया कि इसी मामले में आरोपी भैरव त्रिपाठी, पुत्र जगत नारायण त्रिपाठी, निवासी साहेबगंज, मुजफ्फरपुर को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था।
उसे 19 अगस्त 2026 को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया था। इसके कुछ ही दिन बाद करमुल्लाह की गिरफ्तारी सामने आई है।
इससे संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े फरार आरोपियों और हथियारों की कथित सप्लाई चेन तक पहुंचने के लिए कार्रवाई लगातार आगे बढ़ा रही है।
NIA की जांच अभी जारी
करमुल्लाह की गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है। NIA ने स्पष्ट किया है कि आगे की जांच जारी है।
अब जांच एजेंसी की नजर कथित हथियार तस्करी नेटवर्क, इसमें शामिल अन्य लोगों और हथियारों की सप्लाई के पूरे नेटवर्क पर हो सकती है। AK-47 जैसी प्रतिबंधित बोर की राइफल की बरामदगी के कारण यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर माना जा रहा है।
फिलहाल NIA और बिहार STF की संयुक्त कार्रवाई में एक और फरार आरोपी जांच के दायरे में आ गया है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
