राजौरी में ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ का आठवां दिन, पाकिस्तानी कमांडरों को घेरे सुरक्षा बल

 

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राजौरी (जम्मू-कश्मीर) | 31 मई 2026

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में ‘ऑपरेशन शेरूवाली’ अपने आठवें दिन भी जारी है। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवान घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकियों को घेरने में जुटे हैं।

हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर का यह सबसे बड़ा संयुक्त आतंकरोधी अभियान है। आइए जानते हैं ऑपरेशन की मौजूदा स्थिति क्या है और इसका महत्व क्या है।

‘ऑपरेशन शेरूवाली’ क्या है?

यह सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF का एक संयुक्त ऑपरेशन है। यह अभियान तब शुरू किया गया जब खुफिया एजेंसियों को राजौरी के मंजनकोट सेक्टर के गंभीर मुगलान और डोरिमल जंगलों में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी

अधिकारियों का कहना है कि इस इलाके में पाकिस्तान से जुड़े दो से तीन आतंकी मौजूद हैं और उनकी सुरक्षाबलों से हल्की झड़प भी हो चुकी है । इसके बाद से ही यह तलाशी अभियान लगातार जारी है।

क्यों है यह ऑपरेशन खास?

इस ऑपरेशन के केंद्र में पाकिस्तानी आतंकी कमांडर इलियास को माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह पाकिस्तानी सेना का पूर्व कमांडो है और इसे ‘PAFF’ (एक आतंकी संगठन) का टॉप कमांडर भी बताया जा रहा है

इसके अलावा, एक और नाम इस ऑपरेशन से जुड़कर सामने आ रहा है — ‘अबू हमज़ा’। अब यह बताया जा रहा है कि दोनों ही पाकिस्तानी कमांडर इस जंगल में सुरक्षाबलों से घिरे हुए हैं । यह ऑपरेशन के महत्व को और बढ़ा देता है।

मैदान में क्या हो रहा है?

ऑपरेशन के दौरान जंगल में एक बार फिर भारी गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं । सुरक्षाबलों का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध ठिकानों पर RPG (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) दागे हैं, जिससे उन ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है

अभियान की सबसे बड़ी चुनौती यहाँ का उबड़-खाबड़ और घना जंगल है। इसके बावजूद सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से पूरी तरह घेर रखा है

निगरानी के लिए क्या इस्तेमाल किया जा रहा है? (बड़े स्तर पर तैनाती)

यह कोई साधारण ऑपरेशन नहीं है। इसकी अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षाबलों ने मैदान में क्या-क्या उतारा है:

  • पैरा कमांडो – विशेष प्रशिक्षित कमांडो जंगल में आतंकियों की तलाश में हैं

  • ड्रोन और हेलीकॉप्टर – लगातार हवाई निगरानी की जा रही है ताकि आतंकियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा सके

  • स्निफर डॉग्स – छिपे हुए आतंकियों को ट्रैक करने के लिए खोजी कुत्तों की मदद भी ली जा रही है

आगे क्या होगा?

अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इस इलाके को पूरी तरह से आतंकियों से मुक्त नहीं करा लिया जाता

इतने बड़े ऑपरेशन के बावजूद अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या पकड़े जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आतंकी 10 हजार फीट की ऊंचाई पर कहीं छिपे हुए हैं

इस पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है। घाटी में बर्फ पिघलने और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों के बीच यह अभियान बेहद अहम माना जा रहा है

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