पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को हजारों छात्रों के प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप ले लिया, जब पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव भी किया। इसके जवाब में पुलिस ने वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर छात्र अगले महीने होने वाली बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी बताए जा रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा एक ही चरण में कराई जाए। फिलहाल परीक्षा को प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के चरण में कराने की व्यवस्था को लेकर छात्र विरोध जता रहे हैं।
गांधी मैदान से शुरू हुआ मुख्यमंत्री आवास घेराव मार्च
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था। इसके लिए बड़ी संख्या में छात्र पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एकत्र हुए।
गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले करीब पांच किलोमीटर लंबे रास्ते पर पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। प्रशासन ने कई जगह बैरिकेडिंग की थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
छात्रों के साथ कुछ वामपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी मार्च में शामिल हुए। इनमें SFI और DYFI से जुड़े कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बताई गई है।
जेपी गोलंबर पर पुलिस ने चलाया वॉटर कैनन
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि, पानी की बौछार के बीच प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों का एक समूह पानी की बौछार के बीच नारे लगाता और आगे बढ़ता नजर आया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस की कोशिश थी कि प्रदर्शनकारी तय मार्ग से आगे न बढ़ें और मुख्यमंत्री आवास की तरफ जाने वाली भीड़ को वहीं नियंत्रित किया जा सके।
बैरिकेडिंग तोड़कर डाक बंगला चौराहे तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ते हुए डाक बंगला चौराहे तक पहुंच गए। यह पटना का बेहद व्यस्त इलाका है और यहां से पटना जंक्शन के अलावा कई महत्वपूर्ण सरकारी और न्यायिक संस्थानों तक रास्ता जाता है।
डाक बंगला चौराहे पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प के दृश्य दिखाई दिए।
इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।
पुलिस पर भी पथराव का आरोप
प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के दृश्य देखे जा सकते हैं।
एक वीडियो में एक युवा पुलिस अधिकारी एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं एक अन्य वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी सड़क किनारे बेहोशी की हालत में दिखाई देती है।
हालांकि, उसके बेहोश होने की वास्तविक वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। यह भी साफ नहीं है कि उसे किसी चोट के कारण होश आया या गर्म और उमस भरे मौसम में तबीयत बिगड़ने के कारण वह बेहोश हुई।
शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर क्या है छात्रों की मांग?
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से BPSC द्वारा अगले महीने आयोजित की जाने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अपनी मांग उठा रहे हैं।
छात्रों की मांग है कि शिक्षक भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा को सिंगल स्टेज में आयोजित किया जाए। उनका कहना है कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के दो चरणों में परीक्षा कराने से अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त दबाव और अनिश्चितता बढ़ेगी।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों के एक वर्ग ने BPSC द्वारा इस साल पहले आयोजित की गई Combined Competitive Examination को रद्द करने की भी मांग की। इन छात्रों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
पिछले प्रदर्शन की भी दिखी झलक
पटना में मंगलवार का प्रदर्शन अपने तेवर और पुलिस के साथ टकराव के कारण चर्चा में रहा। खास बात यह है कि पिछले महीने भी राजधानी में एक मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव देखने को मिला था।
इस बार भी प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस की ओर से पानी की बौछार और बाद में लाठीचार्ज के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
अब आगे क्या?
पटना में हुए इस प्रदर्शन के बाद छात्रों की मांगें एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर एक चरण में परीक्षा कराने की मांग अब आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन चुकी है।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान पथराव, बैरिकेडिंग तोड़ने और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
