दिल्ली में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच अस्पताल में मरीजों का इलाज

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,700 से ज्यादा मामले, मानसून में बढ़े इन्फ्लूएंजा के मरीज; सरकार अलर्ट

स्वास्थ्य मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं, अस्पतालों में पर्याप्त इलाज की व्यवस्था के निर्देश

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस साल अब तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजधानी में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करने वाले हैं।

स्वास्थ्य मंत्री बोले- स्थिति नियंत्रण में

स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मामलों की संख्या और राजधानी में संक्रमण की मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों को मरीजों के लिए पर्याप्त इलाज और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमण की स्थिति पर नजर रख रहा है। अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों को संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट की निगरानी करने के लिए कहा गया है।

स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए बनाए जा रहे अलग वार्ड

बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य संक्रमित मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ अस्पतालों में संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करना है।

अधिकारियों को मरीजों की संख्या, संक्रमण के रुझान और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में खास तौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां इन्फ्लूएंजा जैसे मामलों में अधिक वृद्धि देखी जा रही है।

दिल्ली के अस्पतालों में बढ़े इन्फ्लूएंजा के मरीज

दिल्ली के डॉक्टरों के अनुसार, अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा और इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में संक्रमण हल्के से मध्यम स्तर का है और उचित उपचार एवं सहायक देखभाल से वे ठीक हो रहे हैं।

सर गंगा राम अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. ऋषिकेश देसाई ने बताया कि अस्पताल में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

उनके अनुसार, अधिकांश स्वस्थ लोग संक्रमण से अच्छी तरह ठीक हो जाते हैं। हालांकि, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है।

गुरुग्राम में भी इन्फ्लूएंजा के मामलों में उछाल

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी डॉक्टरों ने ऐसी ही स्थिति की जानकारी दी है। फोर्टिस अस्पताल, गुरुग्राम की संक्रामक रोग विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा ने कहा कि इन्फ्लूएंजा और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों वाले मरीजों में अचानक वृद्धि देखी गई है।

उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीजों में बीमारी हल्की से मध्यम स्तर की है और उचित सहायक उपचार के बाद वे ठीक हो रहे हैं। डॉक्टर ने लोगों से अनावश्यक घबराहट से बचने की सलाह दी है।

मानसून में क्यों बढ़ते हैं फ्लू के मामले?

मानसून के दौरान मौसम में नमी और तापमान में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों की भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवाजाही और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से इन्फ्लूएंजा जैसे संक्रमण फैलने की संभावना भी बढ़ती है।

ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने, बीमार होने पर पर्याप्त आराम करने और संक्रमण के लक्षण गंभीर होने पर डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह देते हैं।

खासकर जोखिम वाले समूहों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

सरकार की स्थिति पर लगातार नजर

दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ होने वाली समीक्षा बैठक में संक्रमण की मौजूदा स्थिति, मरीजों की संख्या और अस्पतालों की तैयारियों का आकलन किया जाएगा।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। 1,700 से अधिक स्वाइन फ्लू मामलों के बीच सरकार की प्राथमिकता अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं बनाए रखना और संक्रमण के संभावित हॉटस्पॉट की समय रहते पहचान करना है।

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