यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच बदली संगठन की तस्वीर, 9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यूथ कांग्रेस चुनाव की हलचल के बीच भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। संगठन ने रायपुर शहर की जिम्मेदारी में बदलाव करते हुए शहर और ग्रामीण क्षेत्र को एकीकृत कर इसकी कमान प्रशांत गोस्वामी को सौंप दी है। इसके साथ ही संगठन में 4 विधानसभा और 5 जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियां भी की गई हैं।
संगठनात्मक बदलाव के तहत रायपुर शहर जिलाध्यक्ष के पद पर कार्यरत शांतनु झा को जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। अब रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र को एक साथ मिलाकर संगठन का संचालन किया जाएगा। इस नई व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी प्रशांत गोस्वामी को दी गई है।
रायपुर में नई व्यवस्था लागू
NSUI के इस फेरबदल को राजधानी में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को एकीकृत करने के बाद संगठन की गतिविधियों को अधिक समन्वित तरीके से संचालित करने की कोशिश की जाएगी।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रशांत गोस्वामी के सामने रायपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में संगठन को सक्रिय करने की चुनौती होगी। छात्र हितों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में संगठन की मौजूदगी मजबूत करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति
NSUI ने केवल रायपुर में ही बदलाव नहीं किया है, बल्कि प्रदेश संगठन में कुल 9 नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इनमें 4 विधानसभा अध्यक्ष और 5 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। इन नियुक्तियों के जरिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति नजर आ रही है।
छत्तीसगढ़ में इस समय यूथ कांग्रेस के चुनाव भी राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। ऐसे समय में NSUI में हुए बदलाव को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छात्र संगठन आमतौर पर युवाओं और कॉलेज छात्रों के बीच पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
संगठन विस्तार पर रहेगा जोर
नई नियुक्तियों के बाद जिला और विधानसभा स्तर पर NSUI की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। संगठन के सामने छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र को एकीकृत करने का फैसला भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था के बाद संगठन किस तरह काम करता है और इसका जमीनी असर कितना दिखाई देता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल NSUI में हुए इस फेरबदल ने छत्तीसगढ़ की युवा राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। यूथ कांग्रेस चुनाव के बीच संगठन में किए गए इन बदलावों को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
