नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बाढ़ प्रभावित इलाके और राहत बचाव अभियान

नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, मृतकों की संख्या 165 पहुंची; 826 लोग लापता

अचानक आई बाढ़ ने कई जिलों में मचाई तबाही, 300 से ज्यादा भारतीय पर्यटकों के लापता होने की भी खबर

काठमांडू: नेपाल में बुधवार को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है, जबकि करीब 826 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय पर्यटकों के शामिल होने की बात भी सामने आई है।

अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में घरों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। आपदा का वास्तविक नुकसान कितना बड़ा है, इसका आकलन अभी भी जारी है।

तीन जिलों में अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही

बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन प्रमुख इलाकों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ का सबसे शुरुआती और गंभीर असर चीन की सीमा से लगे रसुवागढ़ी के पास तिमुरे क्षेत्र में दिखाई दिया।

बताया गया है कि एक हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेन्डे का बहाव कुछ समय के लिए रुक गया था। इसके बाद पानी का दबाव बढ़ा और अचानक तेज बहाव के साथ नीचे की ओर आया। इस फ्लैश फ्लड ने नदी किनारे बसे इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

अचानक पानी आने के कारण लोगों को संभलने या सुरक्षित स्थानों पर जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।

नेपाल पुलिस ने जारी किए मृतकों के आंकड़े

नेपाल पुलिस के मुताबिक, नवलपरासी पश्चिम से तीन और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या 165 हो गई है।

अलग-अलग जिलों में सामने आई मौतों का आंकड़ा इस प्रकार बताया गया है:

  • रसुवा: 2
  • नुवाकोट: 12
  • धाडिंग: 27
  • चितवन: 64
  • गोरखा: 20
  • तनहुं: 9
  • नवलपरासी पूर्व: 26
  • नवलपरासी पश्चिम: 5

इन आंकड़ों के अनुसार चितवन में सबसे ज्यादा 64 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद धाडिंग और नवलपरासी पूर्व में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।

826 लोग अब भी लापता

नेपाल की National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) के आंकड़ों के अनुसार करीब 826 लोग लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या आगे बदल सकती है, क्योंकि कई इलाकों में संपर्क और संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी कहा कि हजारों लोग अभी तक लापता हैं और सरकार आपदा की पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने बताया कि हजारों परिवारों के घर तबाह हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

300 से ज्यादा भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर

इस आपदा ने भारत की चिंता भी बढ़ा दी है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक, लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं।

रसुवा क्षेत्र भारत से आने वाले पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण इलाका है। सीमा के नजदीक अचानक आई बाढ़ के कारण वहां मौजूद लोगों के सामने मुश्किल हालात पैदा हो गए।

भारतीय पर्यटकों के संबंध में जानकारी जुटाने और उनकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, लापता लोगों की अंतिम संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि में समय लग सकता है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने नुवाकोट जिले की बिदुर नगरपालिका का दौरा किया, जो आपदा से प्रभावित प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इस दौरे में बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लमशाल भी उनके साथ थे।

प्रधानमंत्री की टीम सड़क मार्ग से काठमांडू से बिदुर पहुंची। दौरे का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेना और राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति को देखना था।

बचाव और राहत अभियान जारी

बाढ़ के बाद नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और लापता लोगों की तलाश करना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

कई स्थानों पर सड़कें और अन्य संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से राहत दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में अभियान लगातार जारी है।

प्रधानमंत्री शाह बुधवार से ही बचाव और राहत अभियान की निगरानी कर रहे हैं। भोटेकोशी नदी का पानी किनारे के इलाकों में फैलने के बाद वहां बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई थी।

नेपाल की बड़ी आपदाओं में शामिल हुई यह त्रासदी

नेपाल पहले भी भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहा है। लेकिन इस बार अचानक आई फ्लैश फ्लड ने जिस तेजी से बड़े क्षेत्र को प्रभावित किया, उसने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

सबसे बड़ी चिंता अभी भी लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने को लेकर है। 165 मौतों और सैकड़ों लोगों के लापता होने के आंकड़े से इस आपदा की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

हालांकि बचाव अभियान जारी है, लेकिन कई क्षेत्रों में मलबा और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचा राहत कार्यों को मुश्किल बना रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे प्रभावित क्षेत्रों तक टीमें पहुंचेंगी, नुकसान और लापता लोगों से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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