भाजपा नेता दुर्गाशंकर मिश्रा 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित

भाजपा नेता दुर्गाशंकर मिश्रा 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित, पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप

MCB में भाजपा की बड़ी कार्रवाई, विधायक प्रतिनिधि को संगठन से किया बाहर; प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर जारी हुआ आदेश

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। भाजपा नेता दुर्गाशंकर मिश्रा को पार्टी ने छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। उन पर लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप लगाया गया है।

पार्टी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के निर्देश पर की गई है। प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय की ओर से निष्कासन संबंधी आदेश जारी किया गया है। कार्रवाई के बाद जिले के राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप

भाजपा संगठन की ओर से दुर्गाशंकर मिश्रा के खिलाफ यह कार्रवाई पार्टी अनुशासन से जुड़े मामले में की गई है। आदेश में उनके खिलाफ लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है, जिनके आधार पर छह साल के निष्कासन का फैसला लिया गया।

भाजपा में संगठनात्मक अनुशासन को काफी अहम माना जाता है। ऐसे में किसी पदाधिकारी या सक्रिय नेता के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का असर स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।

विधायक प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे

दुर्गाशंकर मिश्रा को भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह का करीबी माना जाता है। वे वर्तमान में भरतपुर ब्लॉक में विधायक प्रतिनिधि के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ऐसे में उनके निष्कासन के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आगे उनकी राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका क्या होगी।

फिलहाल पार्टी की ओर से जारी आदेश में छह साल के लिए सदस्यता से निष्कासन की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। स्थानीय स्तर पर इस फैसले को भाजपा संगठन की अनुशासन व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।

संगठन में कार्रवाई से बढ़ी राजनीतिक हलचल

MCB जिले में भाजपा की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों पर नजरें टिक गई हैं। पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर पहले भी अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई होती रही है, लेकिन किसी सक्रिय नेता को छह साल के लिए निष्कासित किया जाना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब देखना होगा कि दुर्गाशंकर मिश्रा की ओर से इस कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं। साथ ही, पार्टी संगठन आगे इस मामले में कोई अतिरिक्त निर्णय लेता है या नहीं, इस पर भी स्थानीय कार्यकर्ताओं और राजनीतिक जानकारों की नजर रहेगी।

नोट: यह खबर उपलब्ध पार्टी आदेश/प्रदान की गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों और निष्कासन के कारणों से संबंधित अंतिम स्थिति पार्टी के आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के बयान के अनुसार स्पष्ट होगी।

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