कांकेर के किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का ज्ञान: 7 दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जून से शुरू

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कांकेर। कृषि और पशुपालन क्षेत्र में किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से नरहरपुर विकासखंड में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। पशुधन विकास विभाग द्वारा कृषक कौशल विकास योजना के अंतर्गत 15 जून से 21 जून 2026 तक सात दिवसीय कृषक भ्रमण सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, आधुनिक पशुपालन तकनीकों और सफल कृषि मॉडल्स का प्रत्यक्ष अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।

क्यों है यह कार्यक्रम किसानों के लिए खास?

राज्य और केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी किसानों की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान चयनित कृषकों को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा राज्य के बाहर भी भ्रमण कराया जाएगा। यहां किसान उन्नत कृषि फार्म, डेयरी इकाइयां, पशुपालन केंद्र, जैविक खेती परियोजनाएं और आधुनिक कृषि अनुसंधान संस्थानों का अध्ययन करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के भ्रमण कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों को समझने और अपने क्षेत्र में लागू करने के लिए प्रेरित करते हैं।

क्या-क्या सिखाया जाएगा प्रशिक्षण में?

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण में पशुपालन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसानों को:

  • दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तकनीक

  • पशु स्वास्थ्य प्रबंधन

  • संतुलित आहार और नस्ल सुधार

  • टीकाकरण और वैज्ञानिक पशुपालन

इसके अलावा कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण, आधुनिक सिंचाई पद्धतियां, फसल विविधीकरण और जैविक खेती जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

बदलते दौर में किसानों को आधुनिक तकनीक की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते समय में खेती केवल पारंपरिक अनुभव के आधार पर नहीं चल सकती। मौसम परिवर्तन, उत्पादन लागत में वृद्धि और बाजार की चुनौतियों को देखते हुए किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी होना जरूरी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को नई सोच और नई दिशा प्रदान करते हैं।

कांकेर जिले के कई क्षेत्रों में किसान पहले से ही उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस भ्रमण में शामिल होने वाले किसान वापस लौटकर अपने गांवों में अन्य किसानों को भी नई जानकारियां साझा करेंगे। इससे पूरे क्षेत्र में आधुनिक कृषि पद्धतियों के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

कृषक कौशल विकास योजना का उद्देश्य

कृषक कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की क्षमता निर्माण करना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत किसानों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें सफल कृषि और पशुपालन इकाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया जाएगा। इससे किसानों को वास्तविक परिस्थितियों में तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि देश के कई राज्यों में ऐसे एक्सपोजर विजिट और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रशिक्षण प्राप्त किसान नई तकनीकों को अपनाने के बाद उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि करने में सफल रहे हैं। यही कारण है कि अब ऐसे कार्यक्रमों को ग्रामीण विकास और कृषि उन्नयन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार

पशुधन विकास विभाग नरहरपुर द्वारा आयोजित यह सात दिवसीय कार्यक्रम क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। आधुनिक कृषि और वैज्ञानिक पशुपालन की जानकारी प्राप्त करने के बाद किसान अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक लाभकारी व्यवसाय में बदलने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

यह कार्यक्रम सिर्फ तकनीकी ज्ञान देने का एक माध्यम नहीं है, बल्कि किसानों को यह सिखाने का भी प्रयास है कि वे कैसे अपनी मेहनत को नई दिशा दे सकते हैं। आशा है कि ऐसे प्रयासों से कांकेर का किसान न केवल खुद का, बल्कि पूरे प्रदेश का भाग्य बदलने में सक्षम होगा। अब जरूरत है सिर्फ इस मौके को दोनों हाथों से लपकने की। और नरहरपुर के किसान वही करने को तैयार हैं।

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