दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक सिर्फ 21 मिनट: यूपी सरकार ने Namo Bharat कॉरिडोर को दी मंजूरी


लखनऊ | 24 मई 2026

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी देते हुए नमो भारत (RRTS) हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को हरी झंडी दे दी है। यह नया कॉरिडोर सीधे दिल्ली को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से जोड़ेगा। 

सिर्फ 21 मिनट में दिल्ली से जेवर

इस हाई-स्पीड रेल के शुरू होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट का सफर सिर्फ 21 मिनट में पूरा हो जाएगा। यह मौजूदा सड़क मार्ग से लगने वाले 2-3 घंटे के समय की तुलना में बहुत बड़ी कमी है। इससे एनसीआर (NCR) में यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान और तेज हो जाएगा। 

क्या है नमो भारत (RRTS)?

यह एक रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) है, जिसमें हाई-स्पीड, एयर-कंडीशंड और आधुनिक ट्रेनें चलेंगी। इसे लंबी दूरी के शहरी सफर को तेज और आरामदायक बनाने के लिए तैयार किया गया है। पहले से ही दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर इसका संचालन शुरू हो चुका है, जहां 82 किलोमीटर लंबे रूट पर ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती हैं। नमो भारत ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। 

एयरपोर्ट पर बुलेट ट्रेन से कनेक्टिविटी

इस प्रोजेक्ट की एक और खास बात यह है कि DPR में प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को जेवर एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से जोड़ने का भी प्रावधान है। इस एकीकरण से यात्री सीधे एयरपोर्ट पहुंचकर हाई-स्पीड रेल और बुलेट ट्रेन, दोनों का लाभ उठा सकेंगे। 

राज्य सरकार की मंजूरी

यूपी के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने इस RRTS कॉरिडोर के DPR को मंजूरी दे दी है और इसे अब अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवासन और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है। 

NCR और जेवर एयरपोर्ट को बड़ा फायदा

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे जेवर एयरपोर्ट के विकास को बड़ा बूस्ट मिलेगा और ट्रैफिक जाम तथा प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं 15 जून से शुरू हो रही हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को राष्ट्र को समर्पित किया था। 

भविष्य का ट्रांसपोर्ट हब

विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट और RRTS मिलकर NCR को एक ग्लोबल एविएशन और ट्रांसपोर्ट हब बना सकते हैं। यह प्रोजेक्ट न केवल यात्रा को तेज और स्मार्ट बनाएगा, बल्कि इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। 

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला NCR के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा। केंद्र से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा, और आने वाले वर्षों में दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी सिर्फ 21 मिनट की रह जाएगी।

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