पश्चिम बंगाल: सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या, राजनीतिक माहौल गरमाया

 

कोलकाता से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में बुधवार रात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ (चंद्रा) की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई

यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब राज्य में चुनावी नतीजों के बाद तनाव बना हुआ है और भाजपा अपनी नई सरकार बनाने की तैयारी में जुटी हुई है.

घटना को कैसे अंजाम दिया गया?

जानकारी के मुताबिक, घटना जेसोर रोड स्थित दोहरिया इलाके में हुई। चंद्रनाथ रथ अपने काम से निपटकर घर लौट रहे थे। तभी बाइक पर सवार हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया और मौका मिलते ही उनकी कार को रुकवाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक:

  • हमलावरों ने करीब 4 से 16 राउंड तक गोलियां दागीं

  • चंद्रनाथ रथ के सिर, सीने और पैर में गोलियां लगीं

  • इस हमले में कार में सवार एक अन्य व्यक्ति बुद्धदेव बेरा भी गंभीर रूप से घायल हुआ है

दोनों को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रथ को मृत घोषित कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए.

पीड़ित कौन थे?

चंद्रनाथ रथ (चंद्रा) सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहायक थे

  • वह मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर जिले के निवासी थे और भारतीय वायु सेना में पूर्व सैनिक भी रहे

  • वह भाजपा के भवानीपुर विधानसभा चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभा रहे थे

  • उनकी मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव फैल गया और भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष है.

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

हत्या के तुरंत बाद से ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

  • भाजपा का आरोप: पार्टी नेता केया घोष ने कहा, “टीएमसी हार की बौखलाहट में निहत्थे लोगों पर हमला कर रही है। यह किसी प्रोफेशनल शूटर का काम है।” भाजपा ने आरोप लगाया है कि रथ की हत्या टीएमसी की ‘गुंडा वाहिनी’ ने अंजाम दी है

  • पुलिस जांच: अभी तक हमलावरों की पहचान या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है और मामले की जांच में जुटी है.

तनाव की बड़ी वजह

यह हत्या चुनाव परिणामों के बाद की हिंसा की एक बड़ी घटना है।
बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी, जिसके बाद ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बाहर जाना पड़ा है
माना जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी अब राज्य के मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। इसी बीच उनके करीबी सहायक की हत्या से राज्य की राजनीति गरमा गई है.

निष्कर्ष

यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ी करती है। जहां एक तरफ नई सरकार के गठन की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की बेखौफ वारदात ने राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।

फिलहाल सबकी निगाहें अब पुलिस जांच और इस मामले में होने वाली गिरफ्तारियों पर टिकी हैं। इंतजार इस बात का भी है कि नई भाजपा सरकार इस मामले को लेकर क्या रुख अपनाती है और दोषियों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे पहुंचाया जाता है।

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