19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा SIR का तीसरा चरण, करोड़ों वोटर्स की दोबारा होगी जांच

 

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नई दिल्ली: देशभर में मतदाता सूची को अपडेट और ज्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है। इस बार दिल्ली और उत्तराखंड समेत 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें शामिल किया गया है। आयोग के अनुसार इस चरण में लगभग 37 करोड़ वोटर्स के रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जाएगी।

चुनाव आयोग का कहना है कि अभियान का मकसद वोटर लिस्ट को पूरी तरह साफ और अपडेट रखना है, ताकि चुनाव के दौरान फर्जी मतदान या डुप्लीकेट एंट्री जैसी समस्याओं को रोका जा सके।

हालांकि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अभी कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। आयोग ने साफ किया है कि इन इलाकों में मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों को देखते हुए बाद में अलग शेड्यूल जारी किया जाएगा।

आखिर SIR प्रक्रिया होती क्या है?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाता है।

इस दौरान अधिकारियों की टीम यह जांचती है कि कौन से मतदाता अब उस क्षेत्र में नहीं रहते, किन लोगों की मृत्यु हो चुकी है और किन नामों की दोबारा एंट्री हुई है। इसके साथ नए पात्र वोटर्स को भी सूची में जोड़ा जाता है।

आयोग का मानना है कि समय-समय पर यह प्रक्रिया जरूरी है, क्योंकि इससे चुनावी व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहती है।

किन राज्यों में चलेगा तीसरा चरण

इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।

इन राज्यों में हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

वहीं दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली-दमन दीव को केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में रखा गया है।

चुनाव आयोग के मुताबिक तीसरे चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरे देश में SIR की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

लाखों अधिकारी करेंगे काम

इस बड़े अभियान के लिए चुनाव आयोग करीब 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मैदान में उतारेगा। इनके साथ राजनीतिक दलों की तरफ से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी मौजूद रहेंगे।

BLO घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे। कई जगह लोगों को ऑनलाइन जानकारी अपडेट करने की सुविधा भी दी जा सकती है।

दिल्ली में 7 अक्टूबर को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर को जारी की जाएगी।

दिल्ली में आगामी चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक दल भी इस अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पहले चरणों में क्या मिला?

चुनाव आयोग के मुताबिक पहले दो चरणों के दौरान देशभर में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची की जांच की गई थी।

इन चरणों में:


  • 60 लाख से ज्यादा मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए

  • लाखों डुप्लीकेट एंट्री खत्म की गईं

  • कई राज्यों में वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव दर्ज हुए

आयोग का दावा है कि इससे मतदाता सूची पहले की तुलना में ज्यादा सटीक हुई है।

विपक्ष ने भी जताई चिंता

हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आए हैं। कुछ विपक्षी दलों का कहना है कि सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न हटे।

कई राज्यों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी। कुछ मामलों में अदालतों में याचिकाएं भी दायर की गईं।

वहीं चुनाव आयोग लगातार यह कह रहा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों और पारदर्शिता के साथ की जा रही है।

हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाद में होगा अभियान

आयोग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम और बर्फबारी को देखते हुए अभी SIR का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है।

इन इलाकों में जनगणना और प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए बाद में तारीखें घोषित की जाएंगी।

वोटर्स को क्या करना चाहिए?

चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज अपडेट रखें और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें।

मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे:


  • पहचान पत्र तैयार रखें

  • पता और नाम की जानकारी जांच लें

  • किसी गलती की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं

ताकि अंतिम वोटर लिस्ट में किसी तरह की परेशानी न हो।

चुनावों से पहले अहम तैयारी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले यह अभियान काफी अहम साबित होगा।

साफ और अपडेटेड वोटर लिस्ट चुनावी प्रक्रिया को मजबूत बनाने में मदद करती है और फर्जी मतदान की आशंका को कम करती है।

SIR का तीसरा चरण देश के सबसे बड़े मतदाता सत्यापन अभियानों में से एक माना जा रहा है। दिल्ली समेत 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करोड़ों वोटर्स की जानकारी दोबारा जांची जाएगी।

हालांकि इस अभियान को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी है, लेकिन चुनाव आयोग का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ एक पारदर्शी और भरोसेमंद मतदाता सूची तैयार करना है।


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