2009 से 2026 तक CSK चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहे फ्लेमिंग ने छोड़ा पद, अब नए कोच के चयन में ऋतुराज गायकवाड़ और टीम मैनेजमेंट की भी होगी भूमिका
चेन्नई: चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में अब एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। टीम के साथ करीब 17 साल तक जुड़े रहे स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी ने नए हेड कोच की तलाश शुरू कर दी है। CSK के लिए यह सिर्फ एक कोच बदलने का फैसला नहीं है, बल्कि टीम के एक लंबे और सफल दौर के बाद नई शुरुआत भी है।
स्टीफन फ्लेमिंग ने 2009 में CSK की कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद करीब 17 साल तक वह टीम के साथ बने रहे। इस दौरान CSK ने IPL में अपनी एक अलग पहचान बनाई और लगातार मजबूत टीमों में शामिल रही।
अब फ्लेमिंग CSK के साथ नहीं हैं। जुलाई में उन्होंने टीम का पद छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभाल ली। फ्लेमिंग के जाने के बाद से ही यह सवाल उठ रहा था कि CSK उनकी जगह किसे जिम्मेदारी सौंपेगी।
विदेशी कोच की तलाश में CSK
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने साफ किया है कि टीम का अगला हेड कोच विदेशी एक्सपर्ट होगा। हालांकि, अभी किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इसका मतलब है कि फ्रेंचाइजी ऐसे कोच की तलाश में है, जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अच्छा अनुभव हो और जो आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों को समझता हो।
हालांकि नए कोच के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह CSK के पहले से बने सिस्टम को समझे। टीम की कार्यशैली बाकी फ्रेंचाइजी से थोड़ी अलग रही है और लंबे समय तक एक ही कोच के साथ काम करने के कारण खिलाड़ियों को भी फ्लेमिंग के तरीके की आदत रही है।
नए कोच के चयन में धोनी की भूमिका
CSK के नए हेड कोच का फैसला सिर्फ एक व्यक्ति नहीं करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, टीम की डायरेक्टर रूपा गुरुनाथ, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और एमएस धोनी की सलाह के बाद नए कोच के नाम पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
इसमें एमएस धोनी की राय पर खास नजर रहेगी। धोनी CSK के साथ लंबे समय से जुड़े हुए हैं और टीम की जरूरतों तथा ड्रेसिंग रूम के माहौल को अच्छी तरह समझते हैं।
वहीं, ऋतुराज गायकवाड़ मौजूदा कप्तान हैं। इसलिए नए कोच और कप्तान के बीच तालमेल भी आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
फ्लेमिंग की जगह लेना आसान नहीं
स्टीफन फ्लेमिंग ने CSK के साथ सिर्फ लंबा समय ही नहीं बिताया, बल्कि टीम की सोच और काम करने के तरीके को भी मजबूत किया। उनके कार्यकाल में टीम ने कई बार मुश्किल परिस्थितियों से वापसी की और अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखा।
यही वजह है कि नए कोच पर शुरुआत से ही तुलना का दबाव रहेगा। CSK के फैंस यह देखना चाहेंगे कि फ्लेमिंग के बाद आने वाला कोच टीम को किस तरह संभालता है।
हालांकि नए कोच से फ्लेमिंग की हूबहू नकल करने की उम्मीद नहीं होगी। CSK को ऐसे व्यक्ति की जरूरत होगी जो टीम की पुरानी मजबूती को बनाए रखते हुए जरूरत के मुताबिक नई रणनीति भी ला सके।
युवा खिलाड़ियों पर भी रहेगा ध्यान
नए हेड कोच के सामने एक और बड़ी जिम्मेदारी टीम का भविष्य तैयार करने की होगी। IPL में लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और ऐसे में सिर्फ अनुभवी खिलाड़ियों के भरोसे लंबे समय तक टीम चलाना आसान नहीं है।
CSK को युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें बड़े मुकाबलों के लिए तैयार करने पर भी ध्यान देना होगा। ऐसे में नए कोच की भूमिका सिर्फ मैच की रणनीति बनाने तक सीमित नहीं रहेगी।
उन्हें खिलाड़ियों की फिटनेस, टीम कॉम्बिनेशन, नई प्रतिभाओं को मौका देने और लंबे समय की योजना पर भी काम करना होगा।
अभी नए कोच के नाम पर सस्पेंस
फिलहाल CSK ने नए हेड कोच के नाम की घोषणा नहीं की है। इतना जरूर साफ है कि फ्रेंचाइजी विदेशी एक्सपर्ट को जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है।
अब आने वाले दिनों में कई बड़े नामों की चर्चा हो सकती है। लेकिन अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
स्टीफन फ्लेमिंग का CSK से अलग होना निश्चित रूप से टीम के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। करीब 17 साल के उनके कार्यकाल के बाद अब फ्रेंचाइजी को ऐसी शख्सियत की तलाश है, जो टीम की पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए उसे आगे भी प्रतिस्पर्धी बनाए रख सके।
कुल मिलाकर, CSK एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। फ्लेमिंग का लंबा अध्याय खत्म हो चुका है और अब नजर उस विदेशी कोच पर है, जिसे चेन्नई सुपर किंग्स की कमान सौंपी जाएगी। इस फैसले में एमएस धोनी, ऋतुराज गायकवाड़ और टीम मैनेजमेंट की राय काफी अहम मानी जा रही है।
