NEET-UG 2026 पेपर लीक: छात्रों का गुस्सा सड़कों पर, NTA ऑफिस के बाहर NSUI का हंगामा

 

NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले ने अब देशभर के छात्रों में आक्रोश फैला दिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI (राष्ट्रीय छात्र संघ) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने प्रैगती मैदान स्थित NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के मुख्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और हंगामा किया।

प्रदर्शनकारी छात्र “परीक्षा रद्द करो, दोषियों को सजा दो” और “मेरिट बचाओ, नकल रोको” जैसे नारे लगा रहे थे। यह देखते ही बनता है कि मामला अब सिर्फ ऑनलाइन ट्रेंड करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी आग भड़क चुकी है।

क्यों हो रहा है यह प्रदर्शन?

दरअसल, NEET-UG 2026 (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट – अंडरग्रेजुएट) की परीक्षा 3 मई 2026 को पूरे देश में आयोजित की गई थी। परीक्षा के तुरंत बाद सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र (Question Paper) लीक हो गया था।

छात्रों का आरोप है कि:

  • पेपर लीक के कारण ईमानदारी से पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य अंधेरे में डाल दिया गया है।

  • इस घटना ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता (Credibility) पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसा और होगा और छात्र पूरे सिस्टम पर से भरोसा उठा बैठेंगे।

NSUI ने दफ्तर के बाहर क्यों किया हंगामा?

NSUI (कांग्रेस की छात्र इकाई) का आरोप है कि NTA पूरी तरह से सोया हुआ है और वह आरोपियों को बचाने में लगा हुआ है। उन्होंने NTA के मुख्यालय पर धरना दिया और मांग की कि:

  1. परीक्षा रद्द करो: अब इस परीक्षा का कोई मतलब नहीं रह गया है। अगर पेपर पहले ही बाहर आ गया था, तो जिसने भी दिया, वह सही नहीं है।

  2. सीबीआई जांच कराओ: स्थानीय जांच नहीं, बल्कि सीधे CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) से इसकी जांच कराई जाए। ताकि पता चले कि आखिर सवाल कैसे बाहर आए और इसमें किन-किन लोगों का हाथ है।

  3. सबूत पेश करो: NTA तुरंत यह बताए कि जांच में क्या सामने आया है। अब इतने दिनों तक चुप रहना जनता के साथ धोखा है।

छात्रों का दर्द और गुस्सा

कुछ छात्रों का कहना है कि उन्होंने दो साल अपना कमरा, दोस्त और खेल छोड़कर केवल इस परीक्षा के लिए पढ़ाई की थी। अब इस तरह की लीक की खबर ने उनके सपनों को तोड़ दिया है।

एक प्रदर्शनकारी छात्रा का कहना था:
“हमने ईमानदारी से पेपर दिया। अब जो लोग नकल करके आगे निकल गए, उनकी तुलना में हम पीछे कैसे रह सकते हैं? यह बिल्कुल अन्याय है।”

वहीं, कई अभिभावक भी NTA पर सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी परीक्षा के लिए इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था (Security) होती है, फिर भी यह सब कैसे हो गया?

NTA और सरकार क्या बोली?

अब तक NTA की ओर से कोई ठोस बयान नहीं आया है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच कराई जा सकती है।

लेकिन छात्र सिर्फ जांच के बयानों से संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि या तो पूरी परीक्षा रद्द करके दोबारा ली जाए, या फिर उन्हें नुकसान का मुआवजा दिया जाए।

सियासी हलचल भी तेज

यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है। कांग्रेस ने NSUI के इस प्रदर्शन को पूरा समर्थन दिया है और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है कि उसकी “डिजिटल इंडिया” और “स्किल इंडिया” की पोल खुल गई है।

वहीं, भाजपा ने इस पर तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि जांच होने दीजिए, ये सब राजनीति करने का समय नहीं है। असली दोषी चाहे कोई भी हो, उसे सजा मिलनी चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल, NTA ने यह तो साफ कर दिया है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। अगले कुछ दिनों में नतीजे जारी होने वाले थे, लेकिन अब साफ है कि नतीजों पर रोक लग सकती है।

मुमकिन है कि:

  • परीक्षा रद्द हो: अगर लीक बड़े स्तर पर साबित हुई, तो NEET-UG दोबारा आयोजित करना ही एकमात्र विकल्प होगा (जैसा साल 2024 में किया गया था)।

  • एक हिस्सा रद्द हो: कभी-कभी सिर्फ कुछ सेंटर के पेपर रद्द किए जाते हैं।

  • तकनीकी जांच: डिजिटल लीक की बात सामने आई है, तो नेटवर्क रिकॉर्ड्स खंगाले जाएंगे।

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह कामयाब छात्रों का भविष्य है। हर फैसले पर सैकड़ों हजारों करियर निर्भर हैं।

फिलहाल, पूरे देश के कोचिंग स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की निगाहें अगले 48 घंटों पर टिकी हैं कि NTA क्या कुछ कहता है।

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