रायगढ़ के लारीपानी में फ्लाई ऐश से प्रभावित खेत और TRN एनर्जी पर कार्रवाई

रायगढ़ में फ्लाई ऐश से खेत प्रभावित, TRN एनर्जी पर 5.70 लाख रुपये का जुर्माना

रायगढ़। जिले में पावर प्लांटों से निकलने वाले फ्लाई ऐश के उचित निपटान को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। लैलूंगा क्षेत्र के लारीपानी में TRN एनर्जी द्वारा किए गए भूमि भराव से फ्लाई ऐश बारिश के पानी के साथ बहकर आसपास के खेतों में पहुंच गया। शिकायत मिलने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और कंपनी पर 5.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

बारिश के बाद खेतों में पहुंचा फ्लाई ऐश

जानकारी के अनुसार, TRN एनर्जी को लारीपानी में मौजूद गड्ढों के भूमि भराव के लिए अनुमति दी गई थी। कंपनी की ओर से वहां फ्लाई ऐश डाला गया, लेकिन उसके ऊपर पर्याप्त मिट्टी डालकर समतलीकरण नहीं किया गया।

बारिश होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। पानी के साथ फ्लाई ऐश बहकर आसपास के कृषि क्षेत्रों में पहुंच गया। इससे किसानों के खेत प्रभावित होने की शिकायत सामने आई। स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलने के बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

बंड नहीं होने से बढ़ी परेशानी

निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम ने पाया कि भूमि भराव वाले स्थान पर पर्याप्त बंड का निर्माण नहीं किया गया था। इसके कारण बारिश का पानी फ्लाई ऐश को अपने साथ बहाकर खेतों की ओर ले गया।

फ्लाई ऐश के भूमि भराव के बाद उसके ऊपर मिट्टी की परत डालना और पानी के बहाव को रोकने के लिए जरूरी व्यवस्था करना महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन मौके पर इन व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने की बात सामने आई है।

कंपनी को खेतों की सफाई के निर्देश

पर्यावरण विभाग ने कार्रवाई करते हुए प्रभावित खेतों से फ्लाई ऐश हटाने और सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही TRN एनर्जी पर 5.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इस कार्रवाई के बाद अब प्रभावित क्षेत्र में सफाई और फ्लाई ऐश को हटाने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। किसानों के खेतों तक राखड़ पहुंचने से कृषि भूमि पर इसके प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

फ्लाई ऐश के निपटान पर उठते रहे हैं सवाल

पावर प्लांटों से निकलने वाला फ्लाई ऐश लंबे समय से पर्यावरण और कृषि भूमि से जुड़े मामलों में चिंता का विषय रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कई जगहों पर भूमि भराव के दौरान निर्धारित मात्रा और प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में जहां बड़ी संख्या में पावर और अन्य औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, वहां फ्लाई ऐश के सुरक्षित निपटान और परिवहन की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। लारीपानी की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय नियमों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है।

फिलहाल पर्यावरण विभाग की कार्रवाई के बाद कंपनी को प्रभावित खेतों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि फ्लाई ऐश हटाने और भूमि को पहले की स्थिति में लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *