गुरु ढालदास साहेब कांग्रेस में शामिल होते हुए

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई गुरु ढालदास ने थामा कांग्रेस का हाथ, रायपुर में कांग्रेस में हुए शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति से शुक्रवार को एक अहम खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के बड़े भाई और सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु ढालदास साहेब ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

गुरु ढालदास साहेब ने रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की सदस्यता ली। इस दौरान उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल कराया गया। उनके कांग्रेस में प्रवेश की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

सतनामी समाज में परिवार की अहम भूमिका

गुरु ढालदास साहेब सतनामी समाज से जुड़े प्रमुख धार्मिक चेहरों में माने जाते हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वे धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के बड़े पुत्र हैं। वहीं गुरु खुशवंत साहेब भी इसी परिवार से आते हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।

गुरु ढालदास साहेब का नाम पहले भी सतनामी समाज से जुड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सामने आता रहा है। वर्ष 2025 में भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में भी वे अन्य धर्मगुरुओं के साथ मौजूद रहे थे। उस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी शामिल हुए थे।

भाई भाजपा सरकार में मंत्री, बड़े भाई कांग्रेस में

गुरु ढालदास साहेब के कांग्रेस में शामिल होने की राजनीतिक अहमियत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि उनके छोटे भाई गुरु खुशवंत साहेब भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। गुरु खुशवंत साहेब आरंग विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं और अगस्त 2025 में उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।

अब एक ही परिवार के दो प्रमुख चेहरे अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ नजर आएंगे। यही वजह है कि गुरु ढालदास के कांग्रेस प्रवेश को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सतनामी समाज में इस परिवार की सामाजिक और धार्मिक पकड़ को देखते हुए कांग्रेस में उनके शामिल होने को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

हालांकि, उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी और आने वाले समय में वे सक्रिय राजनीति में किस भूमिका में नजर आएंगे, इसे लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।

कांग्रेस को क्या मिलेगा फायदा?

छत्तीसगढ़ की राजनीति में सतनामी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में समाज से जुड़े किसी प्रमुख धर्मगुरु का किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जाता है।

गुरु ढालदास के कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को सामाजिक स्तर पर कितना राजनीतिक लाभ मिलेगा, इसका आकलन आने वाले समय में होगा। फिलहाल उनके कांग्रेस प्रवेश ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर बढ़ा दी है।

दूसरी ओर, गुरु खुशवंत साहेब का भाजपा सरकार में मंत्री होना इस घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला रहा है। हालांकि दोनों भाइयों के राजनीतिक रुख को उनके व्यक्तिगत निर्णय के रूप में देखा जाना चाहिए। इसका असर परिवार के सामाजिक संबंधों या आपसी रिश्तों पर क्या होगा, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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