रावलपिंडी/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नूरीन नियाज़ी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की है। यह मुलाकात पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के उस अहम आदेश के बाद हुई, जिसमें अदालत ने इमरान खान को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल भेजने और परिवार के सदस्यों से नियमित मुलाकात की अनुमति देने का निर्देश दिया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, नूरीन नियाज़ी करीब नौ महीने बाद अपने भाई से मिल सकीं। इसके बाद इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने भी उनसे मुलाकात की। दोनों ही अडियाला जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल भेजने का दिया आदेश
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को इमरान खान की सेहत को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें रावलपिंडी की अडियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया था।
अदालत ने मेडिकल जांच के लिए विशेषज्ञों के एक पैनल की व्यवस्था करने को भी कहा है। इस पैनल में इमरान खान के निजी चिकित्सक को शामिल करने की बात भी सामने आई है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने परिवार से साप्ताहिक मुलाकात और उनके बेटों से फोन पर बातचीत की सुविधा देने का निर्देश दिया।
इमरान खान के परिवार और पार्टी की ओर से लंबे समय से उनकी सेहत और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर चिंता जताई जा रही थी। उनके स्वास्थ्य को लेकर आंखों की समस्या सहित कई चिंताएं सार्वजनिक रूप से उठाई गई थीं।
नौ महीने बाद बहन नूरीन नियाज़ी से मुलाकात
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को नूरीन नियाज़ी अडियाला जेल पहुंचीं और इमरान खान से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों की मुलाकात करीब 15 मिनट तक चली।
इस दौरान नूरीन ने अपने भाई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अस्पताल शिफ्ट करने के आदेश की जानकारी दी। उन्होंने इमरान खान की सेहत के बारे में भी जानकारी ली और कुछ कानूनी मामलों पर बातचीत की। मुलाकात के बाद नूरीन नियाज़ी ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की।
पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान की बहनों की सक्रियता पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। परिवार के सदस्यों ने कई मौकों पर जेल प्रशासन और सरकार पर मुलाकात की अनुमति नहीं देने के आरोप लगाए थे।
पत्नी बुशरा बीबी भी पहुंचीं मिलने
नूरीन नियाज़ी के बाद इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी ने भी उनसे मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, यह मुलाकात करीब 30 से 35 मिनट तक चली।
बुशरा बीबी भी अडियाला जेल में बंद हैं। इमरान खान और बुशरा बीबी दोनों ही अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। हाल की मुलाकात को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि परिवार की ओर से लंबे समय से नियमित मुलाकात की मांग की जा रही थी।
सरकार अस्पताल शिफ्ट करने के आदेश को चुनौती दे सकती है
इमरान खान को निजी अस्पताल भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान सरकार ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने संकेत दिया है कि सरकार अदालत के आदेश में बदलाव की मांग कर सकती है।
सरकार का तर्क है कि कैदियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल या जेल से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है और इसे जल्द लागू करने की मांग की है।
यानी अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश आने के बावजूद इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक खींचतान अभी खत्म नहीं हुई है।
2023 से जेल में हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ कई मामलों में कानूनी कार्रवाई हुई है। इमरान खान का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक मकसद से बनाए गए हैं।
वह 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार चली गई थी। इसके बाद से पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान और उनकी पार्टी PTI लगातार सत्ता प्रतिष्ठान और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ मुखर रही है।
स्वास्थ्य और मुलाकात का मुद्दा क्यों बना बड़ा मामला?
इमरान खान के मामले में सिर्फ उनकी जेल या अदालत की सुनवाई ही चर्चा का विषय नहीं रही है। पिछले कई महीनों से परिवार और पार्टी की ओर से यह सवाल भी उठाया जाता रहा कि उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिल रही है या नहीं और परिवार के लोगों को उनसे नियमित रूप से मिलने दिया जा रहा है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश इसी विवाद के बीच आया है। अदालत ने एक तरफ उनके अस्पताल में मेडिकल परीक्षण का रास्ता साफ किया, वहीं दूसरी तरफ परिवार से नियमित मुलाकात की अनुमति देकर इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इमरान खान को कब तक शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाता है और पाकिस्तान सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।
