बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के पद को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने 5 सितंबर 2026 को देश के आठ हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। इसके तहत ओडिशा हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्रा (Krushna Ram Mohapatra) को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। अब केंद्र की नई अधिसूचना के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को नियमित मुख्य न्यायाधीश मिल गया है।

जस्टिस महापात्रा का लंबा न्यायिक अनुभव
जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा का कानूनी क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। अपने वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा कानून सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। वे ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
उन्होंने कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों का भी न्यायालय में प्रतिनिधित्व किया। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान सहित कई संस्थान शामिल रहे हैं।
जस्टिस महापात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। अब उन्हें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट की जिम्मेदारी
मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के इस बदलाव में छत्तीसगढ़ के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस तरह दोनों हाई कोर्ट में नेतृत्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
जस्टिस कृष्ण राम महापात्रा के छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने से न्यायिक प्रशासन में नई जिम्मेदारियों और प्राथमिकताओं का दौर शुरू होगा। अब न्यायिक व्यवस्था, लंबित मामलों के निपटारे और हाई कोर्ट के प्रशासनिक कामकाज पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
