Adani Power ने GVK Energy के अधिग्रहण के लिए LOI हासिल किया

Adani Power का GVK Energy पर कब्जे की ओर बड़ा कदम, मिला Letter of Intent; 330 MW हाइड्रो पावर प्लांट भी शामिल

नई दिल्ली: अडानी पावर ने GVK Energy Limited को अपने नियंत्रण में लेने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। कंपनी की ओर से सोमवार को शेयर बाजारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, GVK Energy की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत पेश किए गए अडानी पावर के रिजॉल्यूशन प्लान को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स यानी CoC ने मंजूरी दे दी है।

इसके बाद 7 सितंबर 2026 को सुबह 9:35 बजे अडानी पावर को Resolution Professional की ओर से Letter of Intent (LOI) मिल गया। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अधिग्रहण पूरी तरह पूरा हो गया है। आगे NCLT और अन्य संबंधित नियामकीय मंजूरियों की जरूरत होगी।

GVK Energy के पास 330 MW का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट

GVK Energy की सबसे महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों में उत्तराखंड में स्थित 330 मेगावाट का हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट शामिल है। यह परियोजना GVK Energy की सब्सिडियरी Alaknanda Hydro Power Company Limited के जरिए संचालित होती है।

अडानी पावर के लिए यह सौदा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कंपनी का मौजूदा बिजली कारोबार मुख्य रूप से थर्मल पावर पर केंद्रित रहा है। GVK Energy के अधिग्रहण से उसके पोर्टफोलियो में हाइड्रो पावर क्षमता भी जुड़ जाएगी।

मई में CCI से मिल चुकी है मंजूरी

इस अधिग्रहण की प्रक्रिया में एक अहम मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। मई 2026 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने GVK Energy की 100 प्रतिशत शेयर पूंजी और नियंत्रण को अडानी पावर द्वारा हासिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

CCI के मुताबिक यह अधिग्रहण Insolvency and Bankruptcy Code के तहत शुरू की गई कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है।

अभी पूरा नहीं हुआ अधिग्रहण

LOI मिलने के बाद भी अडानी पावर को आगे की कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि रिजॉल्यूशन प्लान का क्रियान्वयन LOI की शर्तों और NCLT, हैदराबाद सहित संबंधित नियामकीय प्राधिकरणों, अदालतों या ट्रिब्यूनल से मिलने वाली जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

यानी फिलहाल इसे GVK Energy के अधिग्रहण की दिशा में महत्वपूर्ण चरण माना जा सकता है, लेकिन अंतिम अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के लिए अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं।

अडानी पावर के लिए क्यों अहम है यह सौदा?

इस सौदे से अडानी पावर को अपने बिजली उत्पादन पोर्टफोलियो में हाइड्रो पावर जोड़ने का मौका मिलेगा। 330 MW की परियोजना उत्तराखंड में स्थित है और इससे कंपनी की बिजली उत्पादन परिसंपत्तियों में विविधता बढ़ सकती है।

GVK Energy को CIRP के तहत समाधान मिलने से कंपनी की वित्तीय और परिचालन स्थिति को लेकर भी आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अडानी पावर की ओर से प्रस्तुत रिजॉल्यूशन प्लान अब CoC की मंजूरी के बाद अगले कानूनी चरण में पहुंच गया है।

फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि NCLT और अन्य नियामकीय मंजूरियां कब मिलती हैं और रिजॉल्यूशन प्लान को किस समय अंतिम रूप से लागू किया जाता है।

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