राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर जनपरामर्श की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में राजनांदगांव के जिला पंचायत सभाकक्ष में UCC समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव समिति के सामने रखे।
बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत कानून से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने अलग-अलग सामाजिक वर्गों और संगठनों की राय सुनी और सुझावों को प्रस्तावित कानून के ड्राफ्ट में शामिल करने की प्रक्रिया पर जानकारी दी।
चार जिलों के प्रतिनिधि हुए शामिल
बैठक में केवल राजनांदगांव जिले के प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में आदिवासी समाज, बौद्ध, जैन, मुस्लिम, ईसाई, साहू, कलार, लोधी, यादव, पटेल, गड़रिया, सेन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी राय रखी।
UCC के पक्ष और विपक्ष में रखे गए विचार
बैठक में UCC को लेकर एकतरफा चर्चा नहीं हुई। समिति के सामने समर्थन और विरोध, दोनों पक्षों से सुझाव रखे गए। कुछ प्रतिनिधियों ने सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति के उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था की जरूरत बताई।
वहीं, पारंपरिक सामाजिक और धार्मिक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए भी सुझाव दिए गए। समिति के लिए चुनौती यही है कि अलग-अलग समुदायों की राय और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए ऐसा मसौदा तैयार किया जाए, जो व्यावहारिक और व्यापक हो।
सुझावों के आधार पर तैयार होगा ड्राफ्ट
UCC समिति के सदस्यों ने बताया कि जनपरामर्श के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर ही अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। बैठक में विधिक सलाहकार की ओर से पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर समिति विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों के साथ भी परामर्श बढ़ा रही है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक विशेषज्ञों की ओर से जिला स्तर पर अध्ययन, शोध और व्यापक जनफीडबैक की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
आम लोग भी दे सकते हैं सुझाव
समिति ने आम नागरिकों से भी UCC को लेकर सुझाव आमंत्रित किए हैं। नागरिक प्रस्तावित कानून से जुड़े अपने विचार समिति की आधिकारिक वेबसाइट और ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग वर्गों की राय को ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल करना है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर प्रक्रिया जनपरामर्श और ड्राफ्ट तैयार करने के चरण में है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम कानून का स्वरूप क्या होगा। आने वाले समय में समिति को प्राप्त सुझावों और तैयार होने वाले मसौदे से तस्वीर और स्पष्ट होगी।
