नवा रायपुर में बन रहा NMIMS कैंपस छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा

नवा रायपुर में बनेगा NMIMS का बड़ा कैंपस, 2-3 साल में शुरू हो सकता है पहला बैच; 10 हजार छात्रों को मिलेगा फायदा

Chhattisgarh Education News: NMIMS 40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस, उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद

रायपुर। NMIMS छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS कैंपस स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत कम करना है। प्रदेश में ही राष्ट्रीय स्तर के संस्थान और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

40 एकड़ जमीन पर बनेगा अत्याधुनिक कैंपस

NMIMS का नया कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह जमीन 90 वर्ष की लीज पर दी गई है।

राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और अब लीज अनुबंध के साथ भूमि की रजिस्ट्री भी पूरी हो चुकी है।

यह कैंपस नवा रायपुर की बदलती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राजधानी क्षेत्र में पहले से विकसित हो रहे संस्थानों और अधोसंरचना के बीच NMIMS की मौजूदगी शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा नाम जोड़ सकती है।

2 से 3 साल में शुरू होगा पहला बैच

पूरे कैंपस को विकसित करने की प्रक्रिया में समय लगेगा। रिपोर्ट के अनुसार संस्थान की स्थापना से जुड़ी संपूर्ण प्रक्रिया को आगामी सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि छात्रों को इसके लिए इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सरकार और संस्थान की योजना के मुताबिक दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य है। यानी आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को NMIMS के नवा रायपुर कैंपस में पढ़ाई करने का अवसर मिल सकता है।

कैंपस पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे। इतनी बड़ी छात्र संख्या का मतलब है कि इसके आसपास शिक्षा से जुड़ी कई सहायक गतिविधियां भी विकसित हो सकती हैं।

किन क्षेत्रों में मिल सकते हैं अवसर?

NMIMS जैसे संस्थान के आने से केवल डिग्री हासिल करने के अवसर ही नहीं बढ़ेंगे, बल्कि कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर जोर रहेगा। इससे उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को तैयार करने में मदद मिल सकती है।

खासकर ऐसे समय में जब छत्तीसगढ़ में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे हैं, उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत भी बढ़ रही है। NMIMS कैंपस इस मांग और शिक्षा के बीच एक कड़ी के रूप में काम कर सकता है।

बड़े शहरों में जाने की जरूरत होगी कम

छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के सामने अक्सर बेहतर उच्च शिक्षा के लिए रायपुर से बाहर जाने का विकल्प चुनने की मजबूरी रहती है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में पढ़ाई के लिए जाने पर शिक्षा के साथ रहने और यात्रा का खर्च भी बढ़ जाता है।

नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का संस्थान स्थापित होने से प्रदेश के छात्रों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकल्प मिलेगा। इससे उन परिवारों को भी राहत मिल सकती है जो बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में होने वाले अतिरिक्त खर्च को लेकर चिंतित रहते हैं।

नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन और नॉलेज हब

राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को सिर्फ आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। NMIMS का कैंपस इस योजना को गति दे सकता है।

दूसरे राज्यों से विद्यार्थी और शिक्षक नवा रायपुर आएंगे तो शहर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ हॉस्टल, परिवहन, किराये के आवास, खानपान और अन्य सेवाओं से जुड़े स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी है।

युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है NMIMS कैंपस?

NMIMS की स्थापना को केवल एक नए कॉलेज कैंपस के निर्माण के रूप में नहीं देखा जा रहा है। इसके जरिए छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

यदि तय समय के अनुसार दो से तीन वर्षों में पहला बैच शुरू होता है और आने वाले वर्षों में कैंपस पूरी क्षमता तक पहुंचता है, तो इसका असर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक हो सकता है।

निष्कर्ष

नवा रायपुर में NMIMS का प्रस्तावित कैंपस छत्तीसगढ़ के शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है। 40 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान पूरी तरह विकसित होने पर करीब 10 हजार विद्यार्थियों को शिक्षा देने में सक्षम होगा। पहले बैच की शुरुआत दो से तीन वर्षों में करने का लक्ष्य है।

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कैंपस का निर्माण और शैक्षणिक गतिविधियां तय समय के अनुसार कितनी तेजी से आगे बढ़ती हैं। अगर योजना निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक पूरी होती है, तो नवा रायपुर की पहचान देश के प्रमुख उभरते शिक्षा केंद्रों में और मजबूत हो सकती है।

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