रायपुर: छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। 5 सितंबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में सिर्फ 24 घंटे के भीतर 26 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही राज्य में इस सीजन में स्वाइन फ्लू के कुल मामले 205 तक पहुंच गए, जबकि 57 मरीजों का इलाज जारी था।
रायपुर में एक दिन में 12 नए मरीज
नए मामलों में राजधानी रायपुर सबसे आगे रही। यहां एक दिन में 12 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके अलावा बिलासपुर में 6 और दुर्ग में 4 नए मरीज मिले। मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है।
इससे पहले 4 सितंबर को भी प्रदेश में एक दिन में 26 नए H1N1 मामले सामने आने की रिपोर्ट आई थी। उस समय विभिन्न अस्पतालों में 44 मरीजों के उपचाराधीन होने की जानकारी दी गई थी। लगातार नए मामलों के सामने आने से राज्य में संक्रमण की स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है।
अस्पतालों में अलग व्यवस्था
स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रायगढ़ जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के लिए अलग-अलग 10-10 बेड की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। जरूरत बढ़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच हो और संक्रमित पाए जाने पर उन्हें दूसरे मरीजों से अलग रखकर उपचार दिया जाए। इससे संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
H1N1 संक्रमण में सामान्य तौर पर बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने या स्थिति बिगड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के तौर पर खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना, हाथों की नियमित सफाई रखना और बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाना उपयोगी हो सकता है।
फिलहाल प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 205 मामलों का आंकड़ा सामने आ चुका है, ऐसे में रायपुर समेत दूसरे जिलों में भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, किसी भी जिले में संक्रमण की स्थिति को समझने के लिए ताजा आधिकारिक आंकड़ों को ही आधार माना जाना चाहिए।
